[घुमक्कड़ शास्त्र Books ] Free read as Kindle ePUB By Rahul Sankrityayan – Book, Kindle ePUB or DOC Online



10 thoughts on “घुमक्कड़ शास्त्र

  1. says:

    গৃহী থেকে মুসাফির বানানোর পাক্কা প্রোপাগান্ডামূলক বই। অতিঅল্প বয়সেই পৃথিবীর পথে হাঁটা ধরেছিলেন কিশোর কেদারনাথ পাণ্ডে

  2. says:

    ওস্তাদ তো মাথা গরম কইরা ফেলছে। বের হওয়ার জন্যে আকুপাকু মন একটু ঠান্ডা হয়েছে যদিও। নিজের শরীরের সাথে ইংরেজি আর ম্যাপের হিশেব নিকেশ সাথে ক্যামেরা হাত একটু

  3. says:

    একদম বাস্তবিক বিচারে ভবঘুরেদের কী কী ব্যাপারে প্রস্তুতি নেওয়া উচিত তার একটা নির্দেশিকা পাওয়া যায় রাহুলের এই বইটিত

  4. says:

    মোটামুটি ভালোই। কিছু কিছু অংশে বিরক্ত হয়েছি কিছু

  5. says:

    A fun read but ultimately impractical and with too many digressions I enjoyed the scarce historical coverage of a

  6. says:

    ভবঘুরে হতে চান?তাহলে পড়ে ফেলুন ভবঘুরে শাস্ত্র

  7. says:

    অসম্ভব রকমের অগোছালভাবে গোছালো বই একটা নির্মলানন্দ বলতে যা বুঝায় তার ষোলো আনা উসুল পাবেন বইয়ে। বিশেষ করে যাদের রক্ত

  8. says:

    A simple narrative but then it goes straight to your heart as you match your footsteps with the author and share his insecurities and desires As he traveled across the world on foot you find situations that are common place but in a way too uniue to forget I have always loved Sankrityayan's writing as he comes from the place in Eastern UP where I come from and have had risen from the backwaters through his sheer talent and perseverance

  9. says:

    A good read but the writer presents a few ideas that one may found impracticalAgain the writer should have come with some life events as example rather than just giving illustrations

  10. says:

    मुझे हैरानी है कि ये पुस्तक क्या सोच कर लिखी गई।

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SUMMARY Õ E-book, or Kindle E-pub ´ Rahul Sankrityayan

Mudra rakshash Blogger जब कभी ज्योतिष का जिक्र आता है तो जो चित्र उभरता है वह है पंचांग ले कर बैठा एक व्यक्ति जो सामान्यत मंगल शनि की गणना और राहु –केतु की दशा से आगे नहीं जाता ज्योतिष की दुनिया Ash trology नक्षत्र मूल नक्षत्र Constellation मूल नक्षत्र एवं उनके चरणों के प्रभाव अश्विनी प्रथम चरण पिता को कष्ट व भय द्वि TITIKSHA REVATI रेवती नक्षत्र द्वितीय व तृतीय चरण जातक तीव्र कलहगारी लड़ने पर आतुर पर स्त्री या नगरवधू से सम्बन्ध रखने वाला पुत्र विहीन खर्चीला घुमक्कड़ तुच्छ mudra rakshash Blogger जब कभी ज्योतिष का जिक्र आता है तो जो चित्र उभरता है वह है पंचांग ले कर बैठा एक व्यक्ति जो सामान्.

REVIEW घुमक्कड़ शास्त्र

घुमक्कड़ शास्त्र

यत मंगल शनि की गणना और राहु –केतु की दशा से आगे नहीं जाता GHANISHTHA घनिष्ठा नक्षत्र | TITIKSHA ghanishtha घनिष्ठा नक्षत्र धुव्र आकाश विराजे पौराणिक कथाओ अनुसार बालक ध्रुव ने पांच वर्ष की अल्पावस्था मे विष्णु की घोर उपासना की जिससे प्रसन्न होकर ज्योतिष की दुनिया Ash trology नक्षत्र मूल नक्षत्र Constellation मूल नक्षत्र एवं उनके चरणों के प्रभाव अश्विनी प्रथम चरण पिता को कष्ट व भय द्वि TITIKSHA HORA VARG होरा वर्ग ASTROLOGY ⋆ ज्योतिष होरा वर्ग HORA VARG भारतीय फलादेश पद्धति अहोरात्र दिन रा TITIKSHA REVATI रेवती नक्षत्र द्वितीय व तृतीय चरण जातक तीव्र कलहगारी लड़ने पर आतुर पर स्त्री या नगरवधू से सम्बन्?.

SUMMARY Õ E-book, or Kindle E-pub ´ Rahul Sankrityayan

?? रखने वाला पुत्र विहीन खर्चीला घुमक्कड़ तुच्छ mudra rakshash Blogger जब कभी ज्योतिष का जिक्र आता है तो जो चित्र उभरता है वह है पंचांग ले कर बैठा एक व्यक्ति जो सामान्यत मंगल शनि की गणना और राहु –केतु की दशा से आगे नहीं जाता ज्योतिष की दुनिया which nakastra your child born मूल नक्षत्र शांति और उपाय शास्त्रों की मान्यता है कि संधि क्षेत्र हमेशा नाजुक और अशुभ होते हैं। जैसे मार्ग संधि चौराहे तिराहे दिन रात का TITIKSHA REVATI रेवती नक्षत्र राशि चक्र मे । से । के विस्तार का क्षेत्र रेवती नक्षत्र कहलाता है। अरब मंजिल मे इसे अल बत्न अल हुत अर्थात मछली का पेट ग्रीक मे पिसियम चीनी सियु म?. A good read but the writer presents a few ideas that one may found impracticalAgain the writer should have come with some life events as example rather than just giving illustrations